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शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: जुलाई 2025 में ब्रोकरेज कंपनियों ने 6 लाख सक्रिय निवेशक खोए

जुलाई 2025 में शेयर बाजार से दूर हुए निवेशक

देश की शीर्ष डिस्काउंट ब्रोकरेज कंपनियों में जुलाई 2025 में सक्रिय निवेशकों की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट देखी गई है। Groww, Zerodha, Angel One और Upstox जैसी बड़ी कंपनियों ने अकेले 6 लाख से अधिक एक्टिव यूजर्स खो दिए। इस ट्रेंड ने पूरे खुदरा निवेशक बाजार को हिलाकर रख दिया है।

कंपनियों के आंकड़े: (NSE, जुलाई – जून 2025, लाख में)

प्रमुख डिस्काउंट ब्रोकर में एक्टिव निवेशक गिरावट का डेटा

ब्रोकर जुलाई-25 (लाख) जून-25 (लाख) गिरावट (लाख)
Groww 123.52 125.80 -2.28
Zerodha 74.34 75.85 -1.51
Angel One 71.97 73.20 -1.23
Upstox 24.74 25.71 -0.97
Mirae Asset 4.23 4.60 -0.37
Phonepe Wealth 3.26 3.47 -0.21
Sharekhan 6.09 6.26 -0.17
Kotak Securities 14.44 14.57 -0.13
Motilal Oswal 9.84 9.97 -0.13
Axis Securities 3.89 3.98 -0.09
5paisa 3.93 4.01 -0.08
Finvasia 1.36 1.42 -0.06
Nu Investors 0.71 0.76 -0.06
Geojit 2.32 2.37 -0.06
Alice Blue 1.11 1.16 -0.05
Samco 0.65 0.70 -0.05

Source: NSE (In Lakh)

गिरावट के पीछे की वजहें

  • F&O ट्रेडिंग में गिरावट: SEBI द्वारा F&O ट्रेडिंग के लिए पिछले साल लाए गए सख्त नियमों (मार्जिन आवश्यकताओं में सख्ती, वीकली एक्सपायरी की संख्या में कटौती, कांट्रैक्ट साइज में बढ़ोतरी, टैक्स में इजाफा) ने रिटेल ट्रेडर्स के लिए डेरिवेटिव्स मार्केट को कम आकर्षक बना दिया है।

  • बाजार में उतार-चढ़ाव: लगातार मार्केट में गिरावट और वोलाटिलिटी ने निवेशकों का भरोसा कम किया है।

  • निवेशकों का झुकाव अन्य प्रोडक्ट्स की ओर: निवेशक अब म्यूचुअल फंड्स, PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) और AIFs (अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स) जैसे प्रोफेशनल मैनेजमेंट वाले प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं।

    “SEBI के नए नियमों ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के लिए आवश्यक पूंजी और रिस्क बढ़ा दिए हैं, जिससे रिटेल निवेशकों का रुझान घटा है। इसके अलावा, इंवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स की बढ़ती विविधता ने भी शेयर बाजार से रिटेल निवेशकों का ध्यान बांटा है।”


    निष्कर्ष

    जुलाई 2025 में प्रमुख डिस्काउंट ब्रोकर्स ने बड़ी संख्या में एक्टिव यूज़र्स गंवाए हैं। इसका मुख्य कारण stricter SEBI regulations, F&O ट्रेडिंग में गिरावट और निवेशकों का नए प्रोडक्ट्स की ओर झुकाव है। आने वाले समय में यह ट्रेंड म्यूचुअल फंड्स एवं प्रोफेशनल मैनेज्ड प्रोडक्ट्स की बढ़ती लोकप्रियता के साथ और तेज़ हो सकता है।

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