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SBI ने FD पर ब्याज दर में की कटौती, सीनियर सिटिजन को भी सिर्फ 7%

khabareduniya.com पर आपका स्वागत है! — भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) योजनाओं पर ब्याज दरों में बड़ी कटौती की है। आइए जानते हैं, क्यों और कैसे इस बदलाव से निवेशकों के लिए यह मायने रखता है।

### ✅ क्या हुआ बदलाव?

15 जून 2025 से लागू – SBI ने सभी सामान्य FD टेन्योर पर ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर दी है, वहीं सेविंग अकाउंट पर ब्याज दरें 50 बेसिस प्वाइंट तक घटाई गई हैं। नए दरों के अनुसार, सामान्य ग्राहकों को 3.05% से लेकर अधिकतम 6.45% तक मिलेगा, जबकि वरिष्ठ नागरिकों (60+ उम्र) को 3.55% से लेकर 7.05% तक ब्याज मिलेगा।

### 👴 सीनियर सिटिजन पर विशेष दर – क्या सच में 7%?

हाँ—सामान्य सीनियर सिटिजन (60–79 वर्ष) को 5 साल की FD पर अब **7.05%** ब्याज मिलेगा। यह दर ‘SBI Wecare’ स्कीम के अंतर्गत पुलबैक अतिरिक्त 0.50% मिलाकर तय होती है ।

 ### 🔍 क्यों आई यह कटौती?

**RBI ने 6 जून 2025 को रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की** — जिसके परिणामस्वरूप, बैंकों को भी ब्याज दरों में बदलाव करना पड़ा

 ### 💡 निवेशकों को क्या करना चाहिए?

जो FD पहले खुल चुकी हैं, उनपर कोई असर नहीं होता।

नए निवेश की योजना बनाने से पहले , यह तय करें कि क्या बाजार में और बेहतर विकल्प हैं, जैसे पोस्ट ऑफिस की योजनाएँ या कॉम्पिटीटिव बैंक दरें।

सीनियर्स के लिए   7.05% की FD दर अभी ठीक है, लेकिन ट्रेण्ड बदलने की वजह से यह हमेशा स्थायी नहीं रहेगी।

 

📊 वर्तमान SBI FD दरें (15 जून 2025 से लागू)

ग्राहक श्रेणी न्यूनतम ब्याज अधिकतम ब्याज
सामान्य ग्राहक 3.05% 6.45%
वरिष्ठ नागरिक 3.55% 7.05%

(7.05% दर सीनियर वीकयर स्कीम के अतिरिक्त बोनस सहित)

 ### 📌  आपके लिए क्या मायने रखता है

कम ब्याज का असर :जो लोग FD पर भरोसा करते हैं, उन्हें कम रिटर्न मिलेगा—विशेषकर जो नियमित आय पर निर्भर हैं। 

सीनियर्स को थोड़ी राहत : हालांकि कटौती हुई है, उनके लिए अतिरिक्त प्रीमियम अभी भी उपलब्ध है, जिससे वे 7% तक की दर पा सकते हैं।

नए विकल्प तलाशने का समय: अगर पुराने FD विकल्प बंद हुए हैं, तो नए निवेशकों को तुलनात्मक रूप से बेहतर विकल्प देखने चाहिए।

### “यदि आप वरिष्ठ नागरिक हैं और इनकम पर निर्भर हैं, तो SBI की नई FD दर पर जल्दबाजी में निर्णय न लें। दूसरे संस्थानों की FD या सरकार राज्य बॉन्ड योजनाएं देखें, या कमर्शियल बैंक के वैकल्पिक टीडी स्कीम्स पर गौर करें।”

कुल मिलाकर — SBI की यह कटौती सांकेतिक है कि ब्याज दरें नीचे की ओर बढ़ रही हैं। हालाँकि सीनियर सिटिजन्स को कुछ राहत जरूर है, लेकिन हर निवेशक के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी योजनाओं को दोबारा देखें।

भविष्य में ऐसी फाइनेंशियल अपडेट्स और गाइड चाहिए हों, तो khabareduniya.com पर विजिट करना न भूलें!

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