ट्रंप के टैरिफ़ से भारत की GDP पर भारी असर, FY26 में 30-50 bps की गिरावट संभावित
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत से होने वाले निर्यात पर 50% तक टैरिफ़ लगाने की घोषणा की है। इस फैसले से भारत की अर्थव्यवस्था, विशेषकर GDP ग्रोथ पर 30-50 बेसिस प्वाइंट्स (bps) तक का असर पड़ सकता है, अगर इन टैरिफ़्स को लागू कर दिया गया। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घोषणाओं और तीव्र ट्रेड वार्ताओं का भारत के घरेलू आर्थिक माहौल पर स्पष्ट दबाव दिखाई दे रहा है।
कितना बड़ा होगा असर?
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अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है, FY25 में कुल निर्यात $86 अरब रहा।
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अगर टैरिफ्स प्रभाव में रहते हैं तो भारत की GDP ग्रोथ FY26 में 0.3-0.5% तक घट सकती है।
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कठिनाई मुख्य तौर पर टेक्सटाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, गहने, फार्मा व MSME सेक्टर को होगी।
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PHDCCI की रिपोर्ट के अनुसार, इंपैक्ट सीमित है: भारत की GDP लगभग 0.19% घटेगी और कुल एक्सपोर्ट में 1.87% की कमी आएगी।
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रिसर्व बैंक और IMF ने FY26 GDP ग्रोथ अनुमान 6.3-6.6% रखा है, जिसमें टैरिफ का डाउनसाइड रिस्क सम्मिलित है।
भारत की रणनीति
PHDCCI व अन्य इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने सुझाया:
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US में प्रीमियम सेगमेंट, ट्रेड बंडलिंग व लॉन्ग-टर्म सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स।
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नए बाज़ारों जैसे EU, कनाडा, लैटिन अमेरिका व ASEAN का तेज़ी से विकास।
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“Make in India Select” जैसे ब्रांड इनिशिएटिव के तहत वैल्यू ऐडेड उत्पादों पर फोकस।
क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
“हमारे एक्सपोर्ट का तीन-चौथाई हिस्सा प्रभावित हो सकता है, जिससे GDP पर 0.4% तक का असर आ सकता है। हालांकि, भारत का मजबूत डोमेस्टिक डिमांड इसे काफी हद तक कवर कर सकता है।” – HDFC Bank Economist
“टैरिफ बहुत बड़े लग सकते हैं, लेकिन हमारे लिए समग्र रूप से असर सीमित है, और इंडिया सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।” – President, PHDCCI
निष्कर्ष
अमेरिका द्वारा अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने से भारत की कुछ इंडस्ट्रीज को तात्कालिक झटका जरूर लगेगा, लेकिन समग्र अर्थव्यवस्था पर ये प्रभाव सीमित रह सकता है अगर भारत तेजी से नए बाजारों की ओर बढ़े और घरेलू मांग को मजबूत बनाए रखे। आने वाले हफ्तों में ट्रेड वार्ताओं का परिणाम इस प्रभाव की दिशा तय करेगा।